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अल्मोड़ा में भी केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर विरोध प्रर्दशन

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न्यूज डेस्क /अल्मोड़ा। देशभर में संयुक्त किसान मोर्चे व ट्रेड यूनियन मंच के आह्वान पर आज केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान बचाओ, खेती बचाओ और लोकतंत्र बचाओ नारों के साथ जनपद अल्मोड़ा में विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रर्दशन आयोजित किए गए।

शनिवार को किसान संयुक्त मोर्चा के कार्यक्रम के तहत किसान संगठनों के अनुसांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय गांधी पार्क में कोविड नियमों का पालन करते हुए बैनर,पोस्टरों व नारों के साथ धरना दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में यहां मज़दूर संगठन सीटू,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति,भारत की जनवादी नोजवान सभा के सदस्यों ने भी समर्थन दिया।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि 26 जून 1975 को देश में इंद्रा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी, और किसान आन्दोलन को भी सात माह हो गये हैं परन्तु केंद्र सरकार का अड़ियल रवैया जब का तस बना हुआ है।

पिछले सात माह से संयुक्त किसान मोर्चा का यह कार्यक्रम खेती-किसानी व लोकतंत्र बचाने का आंदोलन बन चुका है। वक्ताओं ने आगे कहा कि 46 वर्ष पूर्व लागू इमरजेंसी को आज भी उसके बुरे दौर के लिए याद किया जाता है। लेकिन उसे भी जनता ने अपने संघर्ष की बदौलत सिकश्त दी थी।

आज का समय उस घोषित इमरजेंसी से भी भयानक है। कहा कि आज अखिल भारतीय किसान सभा के संस्थापक स्वामी सहजानंद की भी पुण्य तिथि है। जिनके नेतृत्व में किसानों ने आज़ादी के संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। सीटू के जिला मंत्री व राज्य कमेटी सदस्य आर पी जोशी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए,मजदूर विरोधी चार श्रम सहिताओं को निरस्त करने की बात कही।

सभा को जनवादी महिला समिति की जिला सचिव राधा नेगी, प्रांतीय सचिव सुनीता पाण्डे,नौजवान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष यूसुफ तिवारी, जिला अध्यक्ष स्वप्निल पाण्डे आदि ने भी सभा को संबोधित किया। धरने में अरुण जोशी, मुमताज अख्तर, योगेश कुमार, दीपक कुमार, मुन्नी प्रसाद आदि शामिल थे।

रिपोर्ट—दिनेश पाण्डे

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