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आमसौड में कर्णप्रयाग-ग्वालदम-अल्मोड़ा-बैजनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को बामुश्किल यातायात सुचारू

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स्थानीय संपादक / नारायणबगड़ चमोली। विगत 18 जून से आमसौड में अवरुद्ध पडे कर्णप्रयाग-ग्वालदम-अल्मोड़ा-बैजनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को पांचवें दिन बामुश्किल यातायात बहाल हो गया है। सडकमार्ग के खुल जाने से पिछले पांच दिनों से यहां फंसे वाहन अपने गंतव्यों को रवाना हो गए।

भारी बारिश के कारण चट्टान खिसकने से 18 जून को तडके आमसौड में पिंडरघाटी की लाइफलाइन कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद हो गई थी। उस दौरान बारिश के लगातार जारी रहने से इस स्थान पर पहाड़ी से मलबा गिरकर सडक़ पर जमा होता रहा।

बीआरओ ने बंद पडे सडकमार्ग को खोलने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी मगर उसे भारी बारिश के कारण सफलता नहीं मिल पाई। इस दौरान उनकी एक पोकलैंड मशीन सडक़ से मलबा हटाते वक्त पहाड़ी से गिरे भारीभरकम मलबे की चपेट में आकर पिंडर नदी में समा गई। 21 जून को बारिश बंद होने पर बीआरओ ने यहां पर पुनः युद्धस्तर पर मलबा हटाने का काम शुरू किया, लेकिन देर रात तक कार्य करने के बाद भी उन्हें मार्ग खोलने में आशातीत सफलता नहीं मिल पाई।

मंगलवार सुबह तडके 4बजे से बीआरओ की मशीनों ने सडक मार्ग के दोनों छोर से मलबा हटाने का काम शुरू कर 11 बजे हल्के वाहनों के लिए बंद सडकमार्ग को खोल दिया। इस तरह बीते पांच दिनों से यहां फंसे वाहन और यात्री अपने गंतव्यों को रवाना हुए।

बीआरओ के अवर अभियंता गौतम बिष्ट ने बताया कि आमसौड में जिस स्थान पर सडकमार्ग अवरुद्ध हुआ था, उसके ठीक उपर पहाड़ी से गुजर रही 33 केवी की विधुत लाइन के क्षतिग्रस्त हो जाने से सडकमार्ग को खोलने में काफी दिक्कतें आती रहीं।बताया कि दोपहर बाद तक भारी वाहनों की आवाजाही सडक मार्ग पर पहले की तरह शुरू हो जाएगी।

पिंडरघाटी की बंद पडी लाइफलाइन पर यातायात व्यवस्था बहाल होने जाने से लोगों को काफी राहत मिल गई है।
रिपोर्ट- सुरेन्द्र धनेत्रा

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