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उच्च न्यायालय के आदेशों पर अस्कोट क्षेत्र में वनराजि आदिम जाति का टीकाकरण शुरू

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न्यूज डेस्क / पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के डीडीहाट तहसील के अंतर्गत अस्कोट क्षेत्र में उत्तराखंड के एक मात्र वनराजि आदिम जाति समुदाय का उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद वैक्सीनेशन करने पहुंची स्वास्थ्य महकमे की टीकाकरण टीम के पसीने छूट गये।

राज्य के पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट तहसील के अंतर्गत अस्कोट क्षेत्र में नेपाल,तिब्बत और भारत सीमा के आसपास रहने वाले राज्य में एक मात्र वनराजि आदिम जाति समुदाय के लोग निवास करते हैं। गौरतलब है कि यह समुदाय वनों में रहते हैं। परंतु वर्षों से यहां रहने के बाबजूद भी इनके नाम पर एक टुकड़ा जमीन भी दर्ज नहीं है। इनकी बोली भाषा भी बहुत भिन्न हैं। हालांकि यह समुदाय हिंदी भी बोल लेते हैं।

इनकी संख्या बहुत कम होने के कारण इनको कहीं भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता है जिससे इस समुदाय की हमेशा से उपेक्षाएं की जाती रही है। अभी कुछ दिन पहले एक जनहित याचिका पर कोरोनाकाल को देखते हुए उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए इस समुदाय के लोगों का वैक्सीनेशन करने को निर्देशित किया था। किंतु जैसे ही टीकाकरण की टीम इस समुदाय के पास पहुंची तो यह लोग जंगल की ओर भागने लगे।ऐसे में टीकाकरण करने पहुंची टीम को इन्होंने पसीने पसीने कर दिया। अभी यह समुदाय डीडीहाट तहसील के अस्कोट क्षेत्र में कूता,चोरानी,मदनपुरी,कुलेख,ओलतड़ी,कन्तोली,किमखोला,भकतिसवा,चिफलतारा,गाणागांव गावों में रहते हैं जिनकी जनसंख्या मात्र 560 है।

बताते चलें कि जब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन/स्वास्थ्य विभाग की टीकाकरण की टीम अस्कोट क्षेत्र के कंतोली,ओलतडी व कुलेख पहुंची तो टीकाकरण टीम को देखते ही वनराजि लोग जंगलों की तरफ भागने लगे। किसी तरफ टीम ने इनकी हौसलाअफजाई करते हुए उनका टीकाकरण किया।

जिसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे ने राहत की सांस ली। इन समुदाय के संदर्भ में न्यायालय ने राज्य सरकार को प्रदेश में विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए वनराजियों के टीकाकरण के निर्देश जारी किए थे।इन्हीं निर्देशों के तहत कनालीछीना स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार और रविवार को वनराजियों का टीकाकरण करने पहुंची। इसमें अर्पण संस्था के सदस्यों ने भी टीकाकरण टीम का साथ दिया। यह संस्था इस समुदाय के बीच जनजागरण आदि का काम करती रहती है तो भाषा की समस्या का भी संस्था के लोगों ने हल किया,और मुश्किल से वनराजियों को समझाकर वैक्सीनेशन के लिए तैयार किया।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी डीडीहाट के.एन.गोस्वामी,सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर बलवंतसिंह मेहरा, एएनएम गोदावरी, अर्पण संस्था के खीमा जेठी,ज्योति पाठक, हिमानी पाल,विनोद ओझा आदि ने टीकाकरण में सहयोग किया।

रिपोर्ट- प्रदीप पाठक, पिथौरागढ़।

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