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न्यूज डेस्क / देहरादून। उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पद से इस्‍तीफा दे दिया। जानकारी के अनुसार, राज्‍य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति में सुधार की कवायद के तहत रावत ने पद छोड़ा है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्‍यपाल बेबी रानी मौर्य को 4 :15 पर अपना इस्‍तीफा सौंपा। उत्‍तराखंड में राजनीतिक घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से तेज था।

 त्रिवेन्द्र सिंह रावत की कैबिनेट के मंत्री धन सिंह रावत को फिलहाल सीएम पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। वे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से श्रीनगर गढ़वाल से देहरादून के लिये आये थे।

गौरतलब है क‍ि त्रिवेंद्र सिंह रावत की हाल में बीजेपी लीडरशिप के साथ दिल्‍ली में कई बैठकें हुई थीं। समझा जाता है कि पार्टी नेतृत्‍व को अपने विधायकों से यह फीडबैक मिला था कि मुख्‍यमंत्री का ‘अपेक्षा से नीचे का प्रदर्शन’ अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी को भारी पड़ सकता है।

रावत की बैठक बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा के साथ हुई थी जिन्‍होंने इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ पहाड़ी राज्‍य उत्‍तराखंड के सियासी हालात के बारे में चर्चा की थी।

इससे पहले, बीजेपी कोर ग्रुप की अचानक हुई बैठक ने उत्तराखंड का सियासी पारा बढ़ा दिया था। सीएम रावत के खिलाफ कई विधायकों ने अपनी नाराजगी जताते हुए नेतृत्व को आगाह किया था कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने भाजपा उपाध्यक्ष रमन सिंह और पार्टी महासचिव दुष्यंत सिंह गौतम को पर्यवेक्षक बनाकर देहरादून भेजा । इसके बाद सोमवार को दिल्ली में पार्टी हाईकमान की बैठक हुई थी, इस बैठक में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष मौजूद थे।

त्रिवेंद्र सिंह रावत के आलोचक उन पर संवादहीनता का आरोप लगाते रहे हैं। निर्णय लेने में उनकी कथित अक्षमता भी पार्टी के सहयोगियों को नाराज करती रही है।

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