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उत्तराखंड क्रान्ति दल महानगर देहरादून का द्विवार्षिक अधिवेशन आयोजित

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न्यूज डेस्क / देहरादून। उत्तराखंड क्रान्ति दल महानगर देहरादून का द्विवार्षिक अधिवेशन उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित किया गया। अधिवेशन की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी ने की। अधिवेशन में मुख्य अतिथि दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट, विशिष्ट अथितियों में दल के संरक्षक बी०डी०रतूड़ी, त्रिवेंद्र सिंह पंवार, केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक रहे।

कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट विजय बौड़ाई ने किया। बैठक को संबोधित करते हुये दल के संरक्षक बी०डी० रतूड़ी ने कहा कि उक्रांद के साथ जिस तरह से युवा जुड़ रहे है इससे स्पष्ट हो गया कि युवा राज्य को बचाने के लिये उक्रांद के साथ आ रहा है। भाजपा कॉंग्रेस ने बारी बारी से राज्य को लूटा है। जनता अब समझ चुकी है कि उत्तराखंड राज्य सुरक्षित केवल संघर्षों के लोगो को सत्ता देनी चाहिये इसलिये जनता अब उक्रांद पर विश्वास कर रहे है। उन्होंने उक्रांद के इतिहास पर प्रकाश डाला।

सदन को संबोधित करते हुये दल के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक के कहा कि इस समय मौका है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उक्रांद को चुने। राज्य बदहाल स्तिथि में है। राज्य का युवा हताश है। राज्य में व्याप्त भ्रष्ट्राचार से राज्य खोखला हो रहा है। जनता को अब भाजपा कॉंग्रेस को विधानसभा चुनाव में करारा जबाब देना होगा। सदन में उन्होंने घोषणा की जिसमें महानगर ईकाई के महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी को यथावत रखा जाता है। अन्य वक्ताओं में दल के वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन, के एन डोभाल, जय प्रकाश उपाध्याय, बहादुर सिंह रावत, राजेन्द्र बिष्ट, जब्बर सिंह पावेल, विरेन्द्र रावत, प्रमिला रावत, सुलोचना इष्टवाल शामिल रहे। बैठक में विभिन्न राजनैतिक प्रस्ताव पास किये गए।

जिनमें स्मार्ट सिटी के नाम पर पूरा शहर बदहाल है,शहर की पूरी सड़के खुदी है जिसके कारण आमजन परेशान है, मांग करते है कि अभी तक कुल कितना कार्य हुआ व कितना धन खर्च किया। विवरण सार्वजनिक किया जाय। बिजली, पानी व हाउस टैक्स की दामो की वृद्धि को अविलम्ब वाफिस लिये जाय। पेट्रोल,डीजल व रसोई गैस की दामों से सरकार वेट कम करें। कोरोना काल के दौरान प्राइवेट स्कूलों की फीस माफ किया जाय। तथा सरकार से मांग करते है कि प्राइवेट स्कूल की परीक्षाओं के नाम पर ली जाने वाला अत्यधिक धन पर अंकुश लगाये जाय।

टोल प्लाजा में टोल टैक्स के लिये स्थानिवासियो को शुक्ल मुक्त रखा जाय। कोरोना काल के दौरान नगर निगम देहरादून द्वारा कुल कितना सेनिटाइजर की मात्रा का प्रयोग किया गया व उसकी कीमत सहित पूर्ण विवरण सार्वजनिक किया जाय। कोरोना अभी भी है लेकिन पूर्व की भांति कम है। देहरादून जिलाधिकारी कार्यालय अभी तक आमजनों के लिये बंद है। मांग करते है कि पूर्व की भांति जिलाधिकारी कार्यालय को आमजन के लिए खुला रखा जाय व परिसर के दोनों गेटों को खुला रखें।

सेलाकुई में उद्योगों के अंतर्गत 70 प्रतिशत रोजगार की बाध्यता को लेकर स्थानीय युवाओं की नियुक्तियों को सरकार कड़ाई से लागू करें। चमोली त्रासदी में प्रभावितों एवं मृतकों की संख्या व उनको दी जाने वाली मुआवजा तथा सुविधाओं का ब्यौरा सरकार सार्वजनिक करें। गैरसैंण सत्र के दौरान (जिसमें अधिकतर महिलाओ की संख्या थी) पर लाठीचार्ज के लिये मुख्यमंत्री पूर्णतयः जिम्मेदार है। मांग करते है कि मुख्यमंत्री अपने पद से त्यागपत्र देकर सार्वजनिक माफी मांगें। देहरादून शहर में चल रहे विक्रमों की रेट लिस्ट भविष्य में कड़ाई से लागू किया जाय। आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण अधूरा है, मांग करते है कि अधूरी प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ किया जाय।

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