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एचसीएल ग्रांट के छठवें संस्करण के तहत गैर-सरकारी संगठनों को 16.5 करोड़ रुपए ($2.27 मिलियन) का अनुदान देने की घोषणा हुई 

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एचसीएल ग्रांट सामाजिक बदलाव का ढांचा निर्मित करने हेतु गैर-सरकारी संगठनों का सहयोग और समर्थन करके विकासात्मक परिवर्तन चाहता है

न्यूज डेस्क / देहरादून । एचसीएल टेक्नालॉजीज लिमि. की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) वाली शाखा एचसीएल फाउंडेशन ने आज एचसीएल ग्रांट के छठवें चक्र के विजेताओं की घोषणा की। एचसीएल ग्रांट इस फाउंडेशन का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो राष्ट्र-निर्माण में जुटे गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के ‘फिफ्थ इस्टेट’ को मजबूती प्रदान करने की दिशा में समर्पित है।

पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा के विकास में कार्यरत इन तीनों क्षेत्रों के एक-एक एनजीओ को तीन से पांच साल तक चलने वाले प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपए ($685,000) प्राप्त होंगे। इसके अलावा प्रत्येक श्रेणी के अंतिम दौर में पहुंचने वाले 2-2 एनजीओ को एक साल के लिए 25 लाख रुपए ($34,000) का अनुदान मिलेगा। इस प्रकार अनुदान की कुल राशि 16.5 करोड़ रुपए हो जाती है।

समुदायों को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने की दिशा में काम करने का एक दशक पूरा होने के उपलक्ष्य में एचसीएल फाउंडेशन इस साल राष्ट्र के विकास-चक्र में अपना योगदान देने हेतु समर्पित है। अपने एचसीएल ग्रांट कार्यक्रम के अंतर्गत फाउंडेशन अब तक 60 करोड़ रुपए ($8.26 मिलियन) से अधिक की राशि सुपुर्द कर चुका है, जिसमें इस साल के अनुदान शामिल नहीं हैं। भारत की एनजीओ पारिस्थितिक प्रणालियों के बीच सबसे लोकप्रिय अनुमोदन के रूप में मान्य एचसीएल ग्रांट ने बीते पांच वर्षों के दौरान 733,000 से अधिक लाभार्थियों तक अपनी पहुंच बनाई है। भारत के दो केंद्रशासित प्रदेशों तथा 18 राज्यों के 70 जिलों में स्थित 8,598 गांवों के कम से कम 1.72 मिलियन लोगों की जिंदगी का स्पर्श करना इस ग्रांट का लक्ष्य है।

एचसीएल ग्रांट 2021 के विजेता

  •  साहस (पर्यावरण)
  • इंडिया हेल्थ एक्शन ट्रस्ट (स्वास्थ्य)
  • चाइल्ड राइट्स एंड यू (शिक्षा)

इन गैर-सरकारी संगठनों को एचसीएल ग्रांट के गवर्नेंस पार्टनर ग्रांट थॉर्नटन की निगरानी व लेखा-परीक्षण के तहत एक प्रतिष्ठित ज्यूरी के द्वारा हजारों आवेदनों की 8 महीने तक की गई समीक्षा के बाद चुना गया था। इस ज्यूरी में शामिल रहे- रॉबिन अब्राम्स (निदेशक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और ज्यूरी की अध्यक्ष) य सुरेश नारायणन (नेस्ले इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक)य बी.एस. बासवान (पूर्व निदेशक, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान तथा पूर्व सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय) य पल्लवी श्रॉफ (मैनेजिंग पार्टनर, शार्दूल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी लॉ फर्म)य डॉ. रिचर्ड लैरीवियर (प्रेसीडेंट एमेरिटस, फील्ड म्यूजियम-शिकागो), ओरेगन यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसीडेंट तथा शिव नाडर (एचसीएल के संस्थापक, एचसीएल टेक्नालॉजीज के मुख्य रणनीति अधिकारी और शिव नाडर फाउंडेशन के संस्थापक व अध्यक्ष)।

“बीता साल लचीलेपन और रूपांतरण का अनूठा साल रहा है, जिसने हमें सिखाया कि बाधाओं को कैसे पार किया जाए और विषम परिस्थितियों में भी कैसे आगे बढ़ा जाए।”- कहना है  अब्राम्स का। उन्होंने आगे बताया, “महामारी के बावजूद हमारे एनजीओ भागीदारों, विशेषज्ञों, ज्यूरी के सदस्यों और पूरी टीम ने जो दृढ़ता दिखाई है, वह सराहनीय है। आकार में बढ़ते और अनुकरणीय समाधान प्रस्तुत करने के लिए हमारे एनजीओ भागीदारों ने जो जोश व जुनून दिखाया है, उसके चलते तमाम भौगोलिक क्षेत्रों में सुव्यवस्थित बदलाव आया है, जिसने टिकाऊ विकास के एजेंडे को गति दी है।

इस साल की ग्रांट के विजेताओं तथा अंतिम दौर में पहुंचने वाले एनजीओ के पास भी सुनाने के लिए कई ऐसी महत्वपूर्ण कहानियां मौजूद हैं, जिनका जमीनी स्तर पर असर साफ देखा जा सकता है। इन एनजीओ को मैं हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं, जो देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा की प्रमुख विकास श्रेणियों के सबसे आवश्यक मुद्दों को सुलझा रहे हैं।

एचसीएल फाउंडेशन की निदेशक निधि पुंधीर ने कहारू “साल 2020 खास भी रहा और असामान्य भी। खास इस मायने में रहा कि हमारा फाउंडेशन ग्रामीण भारत का बेहद प्रभावी और टिकाऊ समाजार्थिक विकास करने की दिशा में काम करने के दस वर्ष पूरे कर रहा है। असामान्य इस मामले में कहा जा सकता है कि जिन एनजीओ का हम सहयोग और समर्थन करते हैं, उनको महामारी और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के चलते अपनी विकास परियोजनाओं को शुरू करने तथा उन्हे अमल में लाते वक्त अप्रत्याशित एवं अभूतपूर्व चुनौतियों से निपटना पड़ा।

इन एनजीओ की प्रेरणास्पद बात यह है कि वे कोविड-19 को ‘न्यू नॉर्मल’ की तरह ले रहे हैं और अपनी पथ-प्रवर्तक परियोजनाओं को बिना रुके आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं, जिसकी बदौलत अंतिम आदमी तक मदद पहुंचाने वाला एक बेहद जरूरी फ्रेमवर्क बन रहा है।

अनुदान प्रदान करने के अवसर पर एचसीएल फाउंडेशन ने ‘फिफ्थ इस्टेट- एनजीओज ट्रांसफॉर्मिंग र्यूरल इंडिया इन एनवायरन्मेंट, हेल्थ एंड एज्यूकेशन’ जारी किया, जो पिछले साल के विजेता गैर-सरकारी संगठनों के साथ-साथ सब-ज्यूरी राउंड में चयनित 30 शीर्ष गैर-सरकारी संगठनों का संक्षिप्त वर्णन करने वाला एक संग्रह है।

www.hclfoundation.org/hcl-grant

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