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स्थानीय सम्पादक / नारायणबगड़ चमोली। शनिवार को कुवदेव महादेव मंदिर में एक वर्ष बाद पुनः हर्षोल्लास के साथ श्रावणी मेला का आयोजन को पटरी पर लाने के लिए मंदिर समिति की आवश्यक बैठक की गई।

नारायणबगड़ प्रखंड के कड़ाकोट पट्टी के भंगोटा-कूश गांव से छः कीलोमीटर की दूरी पर विराजमान कुशदेव महादेव मंदिर में सावन माह में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। भंगोटा गांव से छः कीलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर यहां मंदिर परिसर तक पहुंचा जाता है। पिछले साल कोविड के चलते मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया था।

मंदिर समिति के संरक्षक और ग्राम प्रधान डॉ भूपेंद्र मेहरा ने बताया कि इस बार सावन में कुशदेव महादेव मंदिर में श्रावणी मेला और पूजा अर्चना के लिए कोविड गाइडलाइंस के मुताबिक श्रद्धालुओं के लिए अनुमति दी जायेगी। शनिवार को मंदिर समिति की बैठक में तय किया गया कि मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को अपना परिचय प्रपत्रों की पहचान दिखाकर पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। तथा सरकार के कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए सामाजिक दूरी बनाए रखना जरूरी होगा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष सुजान सिंह मेहरा ने बताया कि मंदिर आने वाले लोगों को पूजा अर्चना के बाद अनावश्यक रूप से मंदिर परिसर में भीड़ जुटाने की इजाजत नहीं दी जायेंगी। तथा नशीले पदार्थों का सेवन कर मंदिर में आने वाले लोगों पर महिला मंगल दल,युवक मंगल दल तथा मंदिर समिति पैनी नजर बनाए रखेंगे। उन्होंने बताया कि सावन माह के पांचों सोमवार को श्रद्धालुओं के द्वारा भंडारों का भी आयोजन किया गया है।

जिसमें प्रथम सोमवार को टैंटुड़ा के रघुवीर सिंह नेगी, द्वितीय सोमवार को भंगोटा के संजय सिंह मेहरा और तृतीय सोमवार को चलियापाणी की प्रधान सरीता देवी व अरविंद सिंह के द्वारा भंडारों का आयोजन किया जाएगा। कहा कि दूसरे श्रद्धालू भी भंडारा देने के लिए संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में मंदिर समिति के सचिव अजीत सिंह रौतेला, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट,श्रावणी मेला कार्यक्रम अधिकारी भगत सिंह रावत आदि थे।
रिपोर्ट – सुरेन्द्र धनेत्रा

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