खबर सुने

न्यूज डेस्क / ऋषिकेश । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल), ऋषिकेश में 25वीं अंतर केंद्रीय विद्युत क्षेत्र उपक्रमों की तीन दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ। ऋषिकेश में आयोजित हुए एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अथिति बी. पी. गुप्ता, मुख्य सतर्कता अधिकारी, टीएचडीसीआईएल ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।

खेल के अंतिम दिन का फाइनल मैच टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) एवं भाखडा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के बीच खेला गया। रोमांच से भरे इस मैच में भाखडा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) को हराकर जीत का खिताब अपने नाम किया। वहीँ टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) दूसरे स्थान पर व तीसरे स्थान पर सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) रही।

प्रतियोगिता के समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि बी. पी. गुप्ता, मुख्य सतर्कता अधिकारी, टीएचडीसीआईएल ने अपने सम्बोधन में विजेताओं को बधाई दी और इस बात पर भी बल दिया कि सच्ची खेल भावना न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि एक संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने ऐसी खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन से सरकार द्वारा चलाए गए खेलो इंडिया कार्यक्रम योजना को बढ़ावा मिलने की भी बात कही।

मुख्य अतिथि बी. पी. गुप्ता, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने टीएचडीसीआईएल द्वारा आयोजित पॉवर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में 25वीं अंतर केद्रींय विद्युत क्षेत्र उपक्रमों की वॉलीबॉल टूर्नामेंट के समापन की विधिवत घोषणा की। एन.के. प्रसाद, अपर महाप्रबन्धक (कार्मिक एवं प्रशासन) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रेषित किया।

उल्लेखनीय है कि 17 से 19 मार्च, 2021 तक चली इस प्रतियोगिता में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, (MOP) सहित कुल 9 टीमें प्रतिभाग किया जिनका विवरण इस प्रकार हैः केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), भाखडा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB), एनएचपीसी (NHPC) , पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID), सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL), दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC), रूरल इलैक्ट्रिफेकेशन कॉरपोरेशन (REC), तथा आयोजक टीम – टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL)।

टीएचडीसीआईएल भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादन कंपनियों में से एक है । टिहरी बांध एवं एचपीपी(1000मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी(400 मेगावाट), गुजरात के पाटन में 50 मेगावाट एवं द्वारका में 63 मेगावाट की पवन विद्युत परियोजनाओं, उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना एवं कासरगॉड केरल में 50 मेगावाट की सौर परियोजना के साथ टीएचडीसीआईएल की कुल संस्थापित क्षमता 1587 मेगावाट हो गई है ।

Previous articleसीएम ने जनहित और प्रदेश के विकास को बताया सर्वोपरि
Next articleसरकार जनता के प्रति जवाबदेह,कांग्रेस का प्रदर्शन ढकोसला : कौशिक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here