बीएसएनके न्यूज / चमोली,उत्तराखंड डेस्क । मंगलवार को नारायणबगड बाजार और आसपास के क्षेत्र से लोगों द्वारा बुजुर्ग अवस्था में निराश्रित छोड दिए गए गौवंशों को गौ-सदन के पदाधिकारियों के साथ व्यापार संघ,ब्लाक प्रमुख,विधायक प्रतिनिधि,ग्राम प्रधान केवर आदि जनप्रतिनिधियों एव सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से क्षेत्र के “श्री नंदा देवी कामधेनु गौशाला एवं गौ रक्षा समिति झिंझौणी” की गौशाला के लिए रवाना किया गया।इससे पहले स्थानीय लोगों ने गौ-सदन के कार्यकर्ताओं का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
मंगलवार को स्थानीय बाजार से कुल दस निराश्रित गौवंशों का रेस्क्यू कर वाहनों के माध्यम से बीस कीलोमीटर दूर झिंझौणी स्थिति गौ-सदन ले जाया गया जहां पहले से ही सैकडों की संख्या में पिछले छ: वर्षों से गौवंशों का पालन-पोषण गौ-सदन के सदस्य करते आ रहे हैं।
श्री नँदादेवी कामधेनु गौशाला एवं गौ रक्षा समिति के संचालक भागचंद आगरी ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि गौ माता हमारी राष्ट्र माता ही नहीं है बल्कि गो हमारी अध्यातमक माँ भी है जिसकी रक्षा हमें हर हाल में करनी है और किसी को भी गौवंश की जवानी मे दूध-दही का प्रयोग करने के बाद उनको बुजुर्ग अवस्था में निराश्रित नही छोडना चाहिए…उंहोने कहा कि जो भी अपने गौवंशों को हमारे गौ सदन गौशाला में भेजना चाहते हैं वे समिति से संपर्क करके अपने बुजुर्ग गौवंश को गौदन तक पहुचा सकते हैं। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी असमर्थता के चलते अपने गौ वंशोँ को भी समिति को सौपे।
समिति के सुपरवाइजर सुभाष नेगी ने इस अवसर पर सभी सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि क्षेत्र मे कहीं भी इस तरह निराश्रित गौवंश हैं तो उनको जरूर गौसदन के गौशाला तक पहुचाये। वहीँ ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला, विधायक प्रतिनिधि दलीप सिंह नेगी,ग्राम प्रधान केवर देवेंद्र कोहली आदि ने कहा कि गौ समिति की इस तरह गौरक्षा की पहल काबिलेतारीफ है और इस तरह की पहल से निसंदेह गौ माता के वंश को निराश्रित और आवारा,लाचार भटकने से बचाया जा सकता है, इस तरह गोमाता का अस्तित्व भी बचाया जा सकता है।
इस अवसर पर गौ सदन के खिलाफ सिंह,मुकेश आगरी,सुनील आगरी,जयवीर कंडारी,लक्ष्मण बिष्ट,नीरज नेगी,सूरज रावत आदि व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – सुरेन्द्र धनेत्रा,स्थानीय संपादक


