बीएसएनके न्यूज / नारायणबगड़ डेस्क । थाना पुलिस थराली ने ऑपरेशन स्माइल के तहत घर छोड़कर चले गए दो स्कूली बच्चों को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर शनिवार को उनके परिजनों के सुपुर्द किया। अपने बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने पुलिस टीम के सहयोग की सराहना करते हुए उनका आभार जताया।
शनिवार को पुलिस चौकी नारायणबगड़ में पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 23 अप्रैल को थाना थराली क्षेत्र के चौण्डा गांव के 14 वर्षीय दो बालक मोहन सिंह पुत्र गौरसिंह तथा देवसिंह पुत्र भुवनसिंह जोकि 10 वीं कक्षा में जीआईसी थराली में पढ़ते हैं,घर से स्कूल गए थे लेकिन वापस घर नहीं लौटे थे। 24 अप्रैल को दोनों बालकों के पिता गौरसिंह व भुवनसिंह द्धारा थाना थराली में उनके घर से लापता होने के संबंध में अभियोग पंजीकृत कराया गया। बच्चों के दोस्तों ने पूछताछ में परिजनों को बताया कि देवसिंह,मोहनसिंह कह रहे थे कि स्कूल से हमारा नाम कट गया है और माता पिता ने कहा है कि घर लौट कर मत आना,इसलिए हम घर वापस नहीं आएंगे।
सीओ राणा ने बताया कि इस मामले में मु0अ0स0 06/2026 धारा137(2)बीएनएस व मु0अ0स0 07/2026धारा 137(2) बीएनएस में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई। विवेचक चौकी प्रभारी ग्वालदम अपर उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह के द्धारा जानकारी दी गई कि दोनों बालक 23 अप्रैल को ग्वालदम के ताल क्षेत्र से बस में जाते देखे गए हैं।इस पर पतारसी सुरागरसी करते हुए बस चालक/परिचालक से पूछताछ में मालूम हुआ कि दोनों बालक उसी दिन शाम को अल्मोड़ा बस स्टेशन पर उतरे थे।
सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक चमोली व क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग के आदेशानुसार चौकी प्रभारी ग्वालदम तथा नारायणबगड़ की एक संयुक्त टीम गठित की गई।जिनके द्धारा ग्वालदम तथा अल्मोड़ा बस स्टेशन के 30 सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मालूम हुआ कि 24 अप्रैल को दोनों बालक अल्मोड़ा से परिवहन निगम की बस से हल्द्धानी जाते देखे गए।

इस पर पुलिस टीम ने हल्द्धानी बस स्टेशन पर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक किया तो दोनों रोडवेज की बस से देहरादून जाते देखे गए। इसके बाद पुलिस टीम लापता बालकों के परिजनों को अपने साथ लेकर देहरादून आईएसबीटी पहुंची। देहरादून में पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से आईएसबीटी के सभी सीसीटीवी कैमरों को चैक किया गया तो उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। बस चालकों से गहनता से पूछताछ में पता चला कि दोनों बालक बस से चण्डीघाट चौक पर उतरे थे। इसके बाद पुलिस ने हरिद्वार पहुंच कर कई जगहों पर बच्चों के फोटो दिखाकर लोगों से पूछताछ की तो मुखबिरों से पता चला कि इस शक्ल के दो बच्चे भूपतवाला स्थित माहेश्वरी धर्मशाला के पास एक ढाबे में खाना खा रहे हैं।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शुक्रवार एक मई को उक्त ढाबे से दोनों बालकों को सकुशल बरामद कर लिया। सीओ राणा ने बताया कि बच्चों को ढूंढने में पुलिस टीम ने 150 सीसीटीवी कैमरे और इतनी ही संख्या में होटलों को खंगाला था। और सर्विलांस टीम चमोली तथा देहरादून की मदद ली गई थी। कहा कि 8 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद यह ऑपरेशन स्माइल सफल हुआ। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक देवेंद्र भारती, अपर उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह, हेडकांस्टेबल सतेंद्र, कांस्टेबल रोहित, देवेंद्र पीआरडी भुवन, एसओजी चमोली, एसओजी देहरादून शामिल थे। पत्रकार वार्ता के दौरान थानाध्यक्ष थराली विनोद चौरसिया तथा दोनों बच्चों के परिजन मौजूद थे। लापता बालक मोहन सिंह की मां अपने बच्चे को सकुशल पाकर खुशी से अपने आंशु नहीं रोक पाई और बच्चे को गले लगाकर सिसकती रही।
रिपोर्ट – सुरेन्द्र धनेत्रा , स्थानीय संपादक


