बीएसएनके न्यूज डेस्क। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत के टनकपुर में आयोजित “युवा संवाद : युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता और युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य और पारंपरिक स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे युवाओं से संवाद स्थापित कर उनके विचारों, बहुमूल्य सुझावों और विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना व उनके सकारात्मक उत्तर दिए।
“युवा केवल अवसर तलाशने वाले नहीं, अवसर देने वाले बनें”
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार (Innovation) की क्षमता से भरपूर हैं।
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वैश्विक पटल पर युवा भारत: आज भारत विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को ‘जॉब सीकर’ (Job Seeker) के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ (Job Creator) बनाने की दिशा में काम किया है।
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केंद्रीय योजनाओं का लाभ: स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों ने युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खोले हैं।
युवाओं और स्वरोजगार के लिए राज्य सरकार के बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड सरकार रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है:
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स्थानीय उत्पादों को नई पहचान: राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है।
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विकास के नए मिशन: स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
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रोजगार और पारदर्शिता: सरकार की पारदर्शी नीतियों के कारण राज्य में बेरोजगारी दर में भारी कमी आई है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूरी निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।
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देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून: युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए उत्तराखंड में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
देवभूमि से ‘खेलभूमि’ बनता उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने खेल और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष जोर दिया:
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38वें राष्ट्रीय खेल: उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन यह साबित करता है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रही है।
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सीमांत क्षेत्रों का विकास: सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित कई अहम संस्थानों के माध्यम से बेहतर अवसर दिए जा रहे हैं।
‘नो पेंडेंसी’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार “नो पेंडेंसी” (No Pendency) के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है। घोषणाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर, तुरंत बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है।
मुख्यमंत्री का युवाओं को संदेश: “युवा बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत, नवाचार व सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और आपकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।”
इस भव्य कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में क्षेत्र के ऊर्जावान युवा उपस्थित रहे।


