कारगिल विजय दिवस: देहरादून में गूंजी वीर सपूतों की गाथा, युद्ध वीरांगनाओं के सम्मान से नम हुईं आँखें

कारगिल विजय दिवस: देहरादून में गूंजी वीर सपूतों की गाथा, युद्ध वीरांगनाओं के सम्मान से नम हुईं आँखें
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बीएसएनके न्यूज / देहरादून डेस्क । कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर दून घाटी राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। ग्रैनीज़ डेन रिज़ॉर्ट, देहरादून में भारत माता के वीर सपूतों की अदम्य वीरता, सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्रभक्ति को समर्पित एक गरिमामयी एवं भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करना, उनके पराक्रम को नमन करना तथा नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त बनाना था।

दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में वीर चक्र से सम्मानित कर्नल रूपेश प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, ब्रिगेडियर सर्वेश दत्त डंगवाल (सेवानिवृत्त, वीएसएम) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, सेवारत सैन्य अधिकारी, गणमान्य नागरिक और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित अतिथि मौजूद रहे।

भावुक क्षण: जब नमन की गईं ‘वीर नारियाँ’
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक और भावुक क्षण वह रहा, जब युद्ध वीरांगनाओं (वीर नारियों) को सम्मानित किया गया। अपने जीवनसाथियों के सर्वोच्च बलिदान के बाद भी अद्‌भुत साहस, धैर्य और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का परिचय देने वाली इन वीर महिलाओं का सम्मान करते हुए पूरा सभागार गर्व से भर उठा। उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिनंदन किया।

आज के इस विशेष समारोह में इन वीरांगनाओं को किया गया सम्मानित:

  • लक्ष्मी देवी (सहसपुर)
  • बृजबाला (सहसपुर)
  • शशि देवी (सहसपुर)
  • ज्योति (डोईवाला)
  • विनीता रावत (डोईवाला)
  • वीरा देवी (रायपुर)
  • प्रभा देवी (रायपुर)
  • शांति देवी (रायपुर)
  • विमल (सहसपुर)

यह सम्मान केवल इन वीरांगनाओं का नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों का था, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

देशभक्ति के रंग में रंगे नन्हें कलाकार
समारोह के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत “वंदे मातरम्” और राष्ट्रगान की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि देश के वीर सैनिकों का शौर्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का एक अनंत स्रोत रहेगा।

वक्ताओं के विचार और प्रबंधन की प्रतिबद्धता
अतिथियों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय पराक्रम को याद किया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “कारगिल विजय केवल एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि भारत के सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अमर प्रतीक है।”

ग्रैनीज़ डेन रिज़ॉर्ट के प्रबंधन ने कहा कि देश के वीर सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम की मेजबानी करना उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

दो मिनट का मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि
“वीरों का स्मरण, बलिदान का सम्मान, विजय का उत्सव” की भावना के साथ संपन्न हुआ यह समारोह उपस्थित सभी लोगों के हृदय में राष्ट्रभक्ति, गर्व और कृतज्ञता की अमिट छाप छोड़ गया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन कारगिल के अमर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट के मौन के साथ किया गया।

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Author: BSNK NEWS

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