आप के पास युवाओं के लिए साफ विजन,युवाओं का वोट तय करेगा प्रदेश का भविष्य: कर्नल कोठियाल

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बीएसएनके न्यूज डेस्क। आम आदमी पार्टी सीएम उम्मीदवार कर्नल कोठियाल ने आज उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में अपने नामांकन के बाद उत्तराखंड के युवाओं से नवपरिवर्तन संवाद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुझे राजनीति में आने के लिए कई लोगों ने मना किया क्योंकि उत्तराखंड के राजनीतिक हालात दुरुस्त नहीं थे लेकिन बदलाव के लिए मैंने बीडा उठाया और 19 अप्रैल 2021 को आप पार्टी की सदस्यता लेते हुए राजनीति में आया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक गंदगी सिर्फ झाडू से ही साफ हो सकती है। उन्होंने कहा कि कि बीते 1 साल में,मैं प्रदेश मे कई लोगो से मिला और लोगों से मिलने के बाद मुझे समझ आया कि उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा की राजनीति के खिलाफ जबर्दस्त माहौल है और आज का युवा बेहतर विकल्प चाहता है। यहां का युवा राज्य के हालातों को बदलना चाहता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा मुझे हौंसला देते हुए कहते हैं बढे चलो कर्नल साहब, हम आपके साथ हैं। जीवनभर देश सेवा करने के बाद अब बारी है मातृभूमि उत्तराखंड की सेवा करने की। अब बारी है शहीदों का कर्ज चुकाने की, उनके सपनों का उत्तराखंड बनाने का । यहां के युवाओं की शक्ति का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। आज यहां का युवा बेरोजगारी से परेशान है। उत्तराखंड के तकरीबन 18 फीसदी युवा बेरोजगार हैं।

भाजपा और कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार नहीं दिया खुद पलायन आयोग इस बात का गवाह है। उन्होंने पलायन आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इन बीस वर्षों से सबसे ज्यादा पलायन बेरोजगारी के कारण हुआ है। पलायन आयोग की रिपोर्ट कहती है कि पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड के 3,946 गांव भुतहा हो चुके हैं। पिछले दस सालों में साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों ने पलायन किया है। इनमें से 1 लाख 18 हजार 981 लोग स्थाई रूप से अपनी मातृभूंमि छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोगों ने रोजगार के अभाव में पलायन किया। खुद सरकार का बनाया हुआ आयोग जब इस नाकामी को उजागर कर रहा है तो फिर कहने को क्या बचता है?

उन्होंने कहा कि रोजगार देने के नाम पर बाहरी कंपनियां यहां के युवाओं से पैसा वसूलती हैं। खुद मैंने देखा की बाहर की कम्पनियाँ राजनैतिक संरक्षण से खुले आम हमारे युवाओं से पैसा वसूली कर रही है। ए स्क्वायर नाम की कंपनी रिश्वत लेकर लोगों को सरकारी विभागों में नौकरियां बाँट रही है। मुझे इस कंपनी ने पैसे लेकर चौकीदार की नौकरी दी। मैंने सरकार को सारे तथ्य और दस्तावेज दिए, फिर भी सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्या सरकार को हमारे युवाओं की चिंता नहीं है?क्यों आजतक उत्तराखंडियों के लिए रोजगार में 70प्रतिशत रिजर्वेशन नहीं मिली?क्यों आजतक पचास हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां नहीं हुई?क्यों हर भर्तियों में परीक्षा से पहले भर्तियां तय हो जाती है?

उन्होंने कहा,आज प्रदेश को बने 21 साल पूरे हो गए लेकिन इन 21 सालों में भी रोजगार के लिए युवा पलायन को मजबूर हैं। लेकिन नेताओं के अपनों के लिए बैक डोर एंट्री खुली हुई है। उन्होंने आगे कहा कि अब इस भटकाव पर फुल स्टॉप लगाने का वक्त आ गया है। अब पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ की चुनौती बहुत बडी चुनौती थी और उसे स्वीकार करने का फैसला बहुत बड़ा था। केदारनाथ में जिस तरह के हालात थे, उसे देख कर कोई भी नहीं सोच सकता था कि अगले पांच-छह साल तक यहां लोग दुबारा आ पाएंगे। लेकिन आज केदारनाथ धाम में पहले की तरह रौनक है। यह सब यहां के युवाओं की मेहनत की बदौलत ही संभव हो पाया। वो उत्तराखंड का युवा ही था जिसने कड़ाके की ठण्ड में काम करके केदारनाथ का पुनर्निर्माण किया।

उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में सबसे ज्यादा फौजी उत्तराखंड से आते है। हमारे युवाओं के खून में देशभक्ति है – अगर उत्तराखंड का युवा कुछ ठान ले, तो कोई ताकत उन्हें नहीं रोक सकती, ये है उत्तराखंड के युवा की ताकत। आज उत्तराखंड के युवाओं को सही रास्ता दिखाने की जरूरत है, उन्हें एकजुट करने की जरूरत है, उनके हुनर को पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है। अगर हम ये कर सके तो उत्तराखंड का युवा पूरे राज्य की तकदीर बदल देगा। और उत्तराखंड की तकदीर ही तो हमें बदलनी है। हमारे पास उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक साफ विजन है।

आप पार्टी वादा करती है प्रदेश के हर घर रोजगार देंगे। सरकार अपनी पहली कलम से प्रदेश के 1 लाख युवाओं को 6 महीने में सरकारी रोजगार देगी। रोजगार ना मिलने तक, हर युवा को हर महीने 5000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा । हम गारंटी देते है 80 प्रतिशत रोजगार उत्तराखंडियों के लिए आरक्षित किये जाएंगे। रोजगार और पलायन मंत्रालय का गठन किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड के युवा को प्रदेश में ही रोजगार मिले। प्राइवेट नौकिरयां के लिए जॉब पोर्टल बनाएँगे, जिससे प्रदेश का हर युवा देश और विदेश की सबसे बेहतरीन कंपनियों में काम कर सके। उन्होंने कहा कि युवा की ताकत ही उत्तराखंड में आप की सरकार चलाएगी। आप की सरकार एक स्पेशल यूथ कमीशन बनाएगी, ताकि युवाओं की सरकार में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

युवाओं का वोट तय करेगा 2025 का उत्तराखंड कैसा होगा। युवाओं का वोट तय करेगा की 2025 में उत्तराखंड के सरकारी स्कूल से बच्चे आईआईटी जाएंगे या प्रदेश के बच्चे बदहाल स्कूल में पढ़ेंगे,आपका वोट तय करेगा की 2025 में रोजगार के अवसर होंगे या युवा पलायन करेगा, आपका वोट तय करेगा 2025 में उत्तराखंड की महिला सशक्त होंगी या उत्तराखंड की महिला पहाड़ जैसी मुसीबतों से झूझ रही होंगी,आपका वोट तय करेगा 2025 में उत्तराखंड में फौजियों का सही सम्मान होगा या उत्तराखंड में फौजी केवल वोटबैंक होंगे

उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया है, अब लड़ाई उत्तराखंड नवनिर्माण की है। उन्होंने कहा हमें ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां हर हाथ में रोजगार हो,जहां हर चेहरे पर मुस्कान हो, जहां हर व्यक्ति का सम्मान हो,जहां की नींव ‘उत्तराखंडित के मजबूत विचार की बुनियाद पर खड़ी हो, जहां वोे सारे सपने साकार हों सकें, जो राज्य आंदोलनकारियों ने देखे थे। उन्होंने कहा कि हम ऐसा उत्तराखंड बनाने के लिए पूरे जज्बे के साथ, जोश के साथ और समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सनेा की तरह कसम परेड का समय आ चुका है,उत्तराखंड को बेहतर बनाने के लिए कसम खाने की जरूरत है।उन्होंने युवाओं से कहा कि मैं बस आपके 10 दिन मांग रहा हूँ, आप मुझे अपने 10 दिन दो, मैं आपको गारंटी देता हूँ की आने वाली आप की सरकार में हम मिलकर हमारे सपनों का उत्तराखंड बनाएंगे। इस बार उत्तराखंड के नवनिर्माण के लिए, 14 फरवरी को झाड़ू का बटन दबाकर आम आदमी पार्टी को जिताना है।

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एमडीडीए का बड़ा एक्शन- पांच जगह सीलिंग, आवासीय कॉलोनियों में अवैध कारोबार पर चला डंडा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की सख्ती, बिना नक्शे दुकानें बनाने और भवनों का उपयोग बदलने वालों पर कार्रवाई बीएसएनके न्यूज / देहरादून डेस्क। राजधानी देहरादून में आवासीय कॉलोनियों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और भवन निर्माण के नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपना लिया है। आवासीय परिसरों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदलने, बिना स्वीकृत मानचित्र के दुकानें बनाने और स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने वालों पर अब सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए पांच मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई से उन भवन स्वामियों और संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है, जो निर्धारित भू-उपयोग और निर्माण संबंधी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। एमडीडीए ने यह कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने, आवासीय क्षेत्रों की मूल प्रकृति बनाए रखने और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। आवासीय कॉलोनियों में कारोबार, बिना नक्शे निर्माण पर कार्रवाई एमडीडीए की कार्रवाई के दौरान इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन मामलों में सीलिंग की गई। वहीं, ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर क्षेत्र और महिमा इन्क्लेव में भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने संबंधित परिसरों का निरीक्षण कर अनधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई की। इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन परिसरों पर सीलिंग प्रवर्तन अभियान के तहत इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में सबसे अधिक तीन मामलों में कार्रवाई की गई। यहां आवासीय कॉलोनी के भीतर कृष्णा डेयरी के नाम से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर संबंधित परिसर को सील कर दिया। इसी क्षेत्र में रोहित विशाल द्वारा भी आवासीय कॉलोनी के भीतर व्यावसायिक दुकान का संचालन किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए परिसर को सील किया। प्राधिकरण की जांच में इसी क्षेत्र में एक अन्य आवासीय परिसर में बिना स्वीकृति परिवर्तन और परिवर्धन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने का मामला सामने आया। इस पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत संचालित गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग करने से पहले संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य है। ईस्ट होप टाउन में बिना मानचित्र बनाई जा रहीं दुकानें अभियान के दौरान ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। यहां मयूर द्वारा प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण की कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना व्यावसायिक निर्माण शुरू कर देते हैं। भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना और निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है। महिमा इन्क्लेव में हॉस्टल निर्माण सील एमडीडीए की टीम ने महिमा इन्क्लेव, लेन नंबर-2, केहरी गांव में भी कार्रवाई की। यहां कुन्दन सिंह द्वारा स्टिल्ट सहित तीन तलों पर हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण में स्वीकृत मानचित्र से विचलन किया गया था और भवन के उपयोग में भी बदलाव किया गया था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवन के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बंशीधर तिवारी बोले—नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और भू-उपयोग संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवनों के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और शिकायतों तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में सीलिंग जैसी कार्रवाई की नौबत न आए। मोहन सिंह बर्निया ने दिए सख्त निर्देश एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को स्वीकृत मानचित्र तथा निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही निर्माण और संचालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन टीमों को क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की इस कार्रवाई से साफ है कि देहरादून में अनधिकृत निर्माण और आवासीय परिसरों के दुरुपयोग के मामलों पर प्राधिकरण का शिकंजा कस रहा है। आने वाले दिनों में भी नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

एमडीडीए का बड़ा एक्शन- पांच जगह सीलिंग, आवासीय कॉलोनियों में अवैध कारोबार पर चला डंडा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की सख्ती, बिना नक्शे दुकानें बनाने और भवनों का उपयोग बदलने वालों पर कार्रवाई बीएसएनके न्यूज / देहरादून डेस्क। राजधानी देहरादून में आवासीय कॉलोनियों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और भवन निर्माण के नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपना लिया है। आवासीय परिसरों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदलने, बिना स्वीकृत मानचित्र के दुकानें बनाने और स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने वालों पर अब सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए पांच मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई से उन भवन स्वामियों और संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है, जो निर्धारित भू-उपयोग और निर्माण संबंधी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। एमडीडीए ने यह कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने, आवासीय क्षेत्रों की मूल प्रकृति बनाए रखने और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। आवासीय कॉलोनियों में कारोबार, बिना नक्शे निर्माण पर कार्रवाई एमडीडीए की कार्रवाई के दौरान इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन मामलों में सीलिंग की गई। वहीं, ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर क्षेत्र और महिमा इन्क्लेव में भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने संबंधित परिसरों का निरीक्षण कर अनधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई की। इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन परिसरों पर सीलिंग प्रवर्तन अभियान के तहत इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में सबसे अधिक तीन मामलों में कार्रवाई की गई। यहां आवासीय कॉलोनी के भीतर कृष्णा डेयरी के नाम से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर संबंधित परिसर को सील कर दिया। इसी क्षेत्र में रोहित विशाल द्वारा भी आवासीय कॉलोनी के भीतर व्यावसायिक दुकान का संचालन किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए परिसर को सील किया। प्राधिकरण की जांच में इसी क्षेत्र में एक अन्य आवासीय परिसर में बिना स्वीकृति परिवर्तन और परिवर्धन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने का मामला सामने आया। इस पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत संचालित गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग करने से पहले संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य है। ईस्ट होप टाउन में बिना मानचित्र बनाई जा रहीं दुकानें अभियान के दौरान ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। यहां मयूर द्वारा प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण की कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना व्यावसायिक निर्माण शुरू कर देते हैं। भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना और निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है। महिमा इन्क्लेव में हॉस्टल निर्माण सील एमडीडीए की टीम ने महिमा इन्क्लेव, लेन नंबर-2, केहरी गांव में भी कार्रवाई की। यहां कुन्दन सिंह द्वारा स्टिल्ट सहित तीन तलों पर हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण में स्वीकृत मानचित्र से विचलन किया गया था और भवन के उपयोग में भी बदलाव किया गया था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवन के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बंशीधर तिवारी बोले—नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और भू-उपयोग संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवनों के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और शिकायतों तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में सीलिंग जैसी कार्रवाई की नौबत न आए। मोहन सिंह बर्निया ने दिए सख्त निर्देश एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को स्वीकृत मानचित्र तथा निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही निर्माण और संचालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन टीमों को क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की इस कार्रवाई से साफ है कि देहरादून में अनधिकृत निर्माण और आवासीय परिसरों के दुरुपयोग के मामलों पर प्राधिकरण का शिकंजा कस रहा है। आने वाले दिनों में भी नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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