बीएसएनके न्यूज / टिहरी गढ़वाल डेस्क। जनपद टिहरी को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू होने जा रहा है। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश सचिव कुलदीप नेगी ने जनपद की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्वेता चौबे से शिष्टाचार भेंट की और अभियान की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की।
इस संयुक्त पहल के तहत जिले के सभी प्रमुख स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान की मुख्य बातें:
थीम: ‘नशे को ना, ज़िंदगी को हाँ’
फोकस: छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और मानवाधिकारों के महत्व को समझाना।
रणनीति: आयोग द्वारा गठित विशेष टीमें पुलिस विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारेंगी।
स्वस्थ युवा ही विकसित भारत का आधार: एसएसपी
बैठक के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने युवाओं को सही दिशा दिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा:”विकसित भारत के निर्माण के लिए हमारे युवाओं का नशे और हर तरह के व्यसनों से दूर रहना बेहद जरूरी है। एक जागरूक, शिक्षित और स्वस्थ युवा ही समाज और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे ले जा सकता है।
सफलता के लिए स्वस्थ जीवनशैली अनिवार्य: कुलदीप नेगी
आयोग के प्रदेश सचिव कुलदीप नेगी ने शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों की आवश्यकता पर बात की। उन्होंने कहा: “हर नागरिक को अपने अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। आज का विद्यार्थी भविष्य का वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, खिलाड़ी या सामाजिक कार्यकर्ता है। वे अपनी मंजिलों को तभी हासिल कर सकते हैं, जब वे नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगे।”
सकारात्मक समाज का निर्माण है मुख्य लक्ष्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर एक सकारात्मक सोच विकसित करना है। इसके जरिए छात्रों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों का अहसास कराया जाएगा, ताकि वे स्वयं आगे बढ़कर एक नशा मुक्त, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।


