देहरादून और ऋषिकेश में बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों पर सख्ती, नियमों के उल्लंघन पर जारी रहेगी कार्रवाई

देहरादून और ऋषिकेश में बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों पर सख्ती, नियमों के उल्लंघन पर जारी रहेगी कार्रवाई
Picture of BSNK NEWS

BSNK NEWS

बीएसएनके न्यूज / देहरादून डेस्क। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून और ऋषिकेश में दो अलग-अलग स्थानों पर सख्त कदम उठाए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का भू-विकास या भवन निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

सोनिया विहार, नवादा रोड, देहरादून में बृजेश कुमार, नीलकंठ जोशी, दमयन्ती कण्डवाल, गिरिजा सेमवाल, सुनीता भट्ट तथा सुरेन्द्र सिंह पंवार द्वारा लगभग चार बीघा भूमि पर भू-विन्यास एवं डिमार्केशन का कार्य कराया गया था, लेकिन इसका तलपट मानचित्र एमडीडीए से स्वीकृत नहीं कराया गया। जांच में अनधिकृत प्लाटिंग की पुष्टि होने पर उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के प्रावधानों के तहत वाद दर्ज किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।

ऋषिकेश में बहुमंजिला अवैध भवन पर भी कार्रवाई
इसी क्रम में ऋषिकेश के नेगी मोहल्ला, गुमानीवाला क्षेत्र में भवन स्वामी भावेश जोशी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के भूतल, प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ तल तक बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर उत्तराखण्ड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के तहत कार्रवाई करते हुए पूरे बहुमंजिला अवैध भवन को सील कर दिया गया।

एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को अवैध कॉलोनियों तथा अनधिकृत निर्माण से होने वाली समस्याओं से बचाने के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद अथवा भवन निर्माण से पहले संबंधित मानचित्र एवं स्वीकृतियों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। बिना स्वीकृति की प्लाटिंग और भवन निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिक भी भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संपत्ति की खरीद या निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

BSNK NEWS
Author: BSNK NEWS

Verified by MonsterInsights