बीएसएनके न्यूज / चमोली, उत्तराखंड डेस्क । शनिवार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय देहरादून में हुई गाली-गलौच और मारपीट के बाद प्रांतीय एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर नारायणबगड में एजुकेशनल कर्मी दो दिवसीय कार्य बहिष्कार पर रहे।
एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन से जुडे कर्मियों ने कहा कि 21 फरवरी को रायपुर विधायक के द्वारा अपने समर्थकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय में अभद्रता, गाली गलोच और मारपीट जैसी अप्रिय घटना को अंजाम दिया गया जो कि बहुत ही अफसोसजनक तो है ही साथ ही उत्तराखंड अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा है जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाऐगा।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारायणबगड के परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि अभी बोर्ड परीक्षाएं संचालित हो रही हैं और जिन कर्मियों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगी है उंहें कार्य बहिष्कार से मुक्त रखा गया है ताकि बोर्ड परीक्षा में कोई व्ववधान न होने पाए। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर तुरंत कार्यवाही नहीं की जाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट करने वाले रायपुर विधायक और उनके समर्थकों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए और आगे से कर्मचारियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार की पुनरावृति न हो इसके लिए दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशाशनिक अधिकारी नीरज बिष्ट,मुख्य प्रशाशनिक अधिकारी अनुज नेगी,प्रांतीय सांस्कृतिक सचिव देवेंद्र सिंह बुटोला,प्रधनाचार्य जनता इंटर कालेज नैणी-बूंगा संतोष नैनवाल,विनीता थपलियाल,सत्यपाल सिंह,शशिकला,हिमांशु,शूरवीर भंडारी,शीतल पंवार,राजेंद्र बिष्ट,लखपत सिंह,दर्शन गिरी, रेखा और सौरभ आदि उपस्थित थे।
रिपोर्ट – सुरेन्द्र धनेत्रा,स्थानीय संपादक

