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चीन की चेतावनी इस महीने फिर बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले, रिपोर्ट में दावा

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बीएसएनके न्यूज डेस्क/अंतरराष्ट्रीय :-  चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के प्रवक्ता मी फेंग ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चीन के अस्पतालों में बुखार के मरीज फिलहाल कम हैं, लेकिन सांस संबंधी बीमारियों जैसे इंफ्लुएंजा और कोविड19 का खतरा अभी भी बना हुआ है।

चीन में नए साल से अब तक कोरोना के मामले तुलनात्मक तौर पर कम रहे हैं, लेकिन अब चीन की सरकार ने चेतावनी दी है कि इस महीने कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी आ सकती है। चीन के सरकारी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

चीन में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा
दरअसल चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के प्रवक्ता मी फेंग ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चीन के अस्पतालों में बुखार के मरीज फिलहाल कम हैं, लेकिन सांस संबंधी बीमारियों जैसे इंफ्लुएंजा और कोविड19 का खतरा अभी भी बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में सर्दी की वजह से इंफ्लुएंजा वायरस और सांस संबंधी बीमारियां जैसे कोविड19 के मामले बढ़ सकते हैं। चीन की सरकार ने बताया कि उनके देश में इन्फ्लुएंजा संक्रमण की शुरुआत अक्तूबर में होती है। देश के दक्षिणी प्रांतों में इंफ्लुएंजा के मामलों में 36.8 प्रतिशत का उछाल देखा गया है। वहीं उत्तरी राज्यों में 57 प्रतिशत मामले बढ़े हैं। चीन की सरकार का कहना है कि कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि जिन मरीजों को इंफ्लुएंजा ए वायरस का संक्रमण हुआ, उन्हें इंफ्लुएंजा बी वायरस का संक्रमण भी हुआ। इसका मतलब है कि इंफ्लुएंजा संक्रमण से उनकी इम्युनिटी कमजोर हुई। ऐसे में आशंका है कि कमजोर इम्युनिटी के लोग कोरोना संक्रमण के भी शिकार हो सकते हैं।
भारत में जेएन 1 के मामले 1200 हुए
भारत में Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium (INSACOG) ने बताया है कि शनिवार तक देश में कोरोना के नए सब-वैरिएंट जेएन.1 के कुल मामले 1200 रिकॉर्ड किए गए हैं। नगालैंड में भी जेएन.1 के मामले मिले हैं। इस तरह अब तक भारत के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जेएन.1 के मामले मिल चुके हैं। बीते कुछ हफ्ते पहले देश में कोरोना के मामलों में अचानक से उछाल देखा गया था, जिसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट भी जारी किया था और लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने और लोगों से दूरी बनाकर रखने के निर्देश दिए थे।

कर्नाटक में जेएन.1 के सबसे ज्यादा 215 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल, पश्चिम बंगाल, गोवा, तमिलनाडु और गुजरात में कोरोना के नए सब-वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले मिले हैं।